“आधुनिक युग में आस्तिकवाद” उन लोगों के लिए है जो आज के दौर की धार्मिक विसंगतियों से परेशान हैं। यह पुस्तक तर्क देती है कि आध्यात्मिकता और धर्म समाज में शांति और नैतिकता बनाए रखने के स्तंभ हैं, लेकिन जब इनका उपयोग शोषण के लिए होता है, तो समाज बिखरने लगता है। क्या ईश्वर को मानना केवल एक धार्मिक मजबूरी..