इश्क
की किताब में कोई भूतकाल नहीं
होता प्रेमिकाएं कभी पूर्व नहीं
होतीं वे रूह में दर्ज शाश्वत वर्तमान हैंजवानी के दिनों में दिल की अदालत जब बैठती है तो वहाँ कानून के पन्नों से ज़्यादा जज़्बातों के
फैसले सुने जाते हैं यह कहानी है अद्वैत भारद्वाज की लखनऊ
लॉ फैकल्टी का एक ऐसा छात्र जो
मुकदमों की क..